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यशायाह 15

आबपरमशरसन

1 सनआब एकआब आर ओर शईर िईए िशईर करे। ओर आब मणजरकरि2 ओर शईरमनदराँऊब़ो चढ़ीे, नबओर दबशईरिआब , करिसबिओर सब़िि3 आबसडदखि ु:िपईनिा, छताँ15:3 छता पाँदे छत तेस बखते सीदे ई ओ थे, इजी री खातर लोक कई बजा ते कअरो रे छतो पाँदे कट्ठे ऊई सको थे, जेते दे कट्ठे मिली की शोग मनाणा बी ओ था। ओर शईरहर आस्ंऊए , कर4 शबओर एलशईरींगणलगे, ओर िआवयहस शईरतक , इजबजआबिींगणलगे, ििबऊत उद5 मन आब, सरअमअर ओर एगलतशलिशईरनठणलगे। ो, शईऱि़िोंऊए चढलगे; ो, शईरऊणींगणलगे। 6 िनदिा, ओर अररझओर नक ि रयी। 7 इजतर तअन िबचओर िकटिा, सबििलगे, ििूँ8 इजबजआब हर बतींगणणनलगा। दकखणएगशईर ओर उततरशईर9 कऊि शईरनदपर, ां ओर ु:े, ां बचआबिओर िनठखलजणे।

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