4 ऐ ख़ुदावन्द, अपनी राहें मुझे दिखा;
अपने रास्ते मुझे बता दे।
5 मुझे अपनी सच्चाई पर चला और ता’लीम दे,
क्यूँकि तू मेरा नजात देने वाला ख़ुदा है;
मैं दिन भर तेरा ही मुन्तज़िर रहता हूँ।
9 वह हलीमों को इन्साफ़ की हिदायत करेगा,
हाँ, वह हलीमों को अपनी राह बताएगा।