4 मैंने ख़ुदावन्द से एक दरख़्वास्त की है,
मैं इसी का तालिब रहूँगा;
कि मैं उम्र भर ख़ुदावन्द के घर में रहूँ,
ताकि ख़ुदावन्द के जमाल को देखूँ
और उसकी हैकल में इस्तिफ़्सार किया करूँ।
5 क्यूँकि मुसीबत के दिन वह मुझे अपने शामियाने में पोशीदा रख्खेगा;
वह मुझे अपने ख़ेमे के पर्दे में छिपा लेगा,
वह मुझे चट्टान पर चढ़ा देगा