1 ऐ सारी ज़मीन ख़ुदा के सामने ख़ुशी का ना’रा मार।
2 उसके नाम के जलाल का हम्द गाओ;
सिताइश करते हुए उसकी तम्जीद करो।
3 ख़ुदा से कहो, "तेरे काम क्या ही बड़े हैं!
तेरी बड़ी क़ुदरत के ज़रिए' तेरे दुश्मन आजिज़ी करेंगे।
4 सारी ज़मीन तुझे सिज्दा करेगी,
और तेरे सामने गाएगी; वह तेरे नाम के हम्द गाएँगे।"