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ज़बूर 96

1 ़ुवनमननयहम!

सब अहल ! ़ुवनमन

2 ़ुवनमन, उसकरक कहो;

उसकनजबशरत ो।

3 ़ौों ें उसकजला,

सब ों ें उसक'अजयब बयकरो।

4 ूँि ़ुवऩु़और बहिइश यकै;

वह सब ा’ों ़्ा’़ीयकै।

5 इसलिि और ़ौों सब ा’िैं;

ि़ुवनआसमों बना।

6 अजमत और जलउसकमनें ैं,

़ुदरत और जमउसकमकिें।

7 ़ौों ो! ़ुवनी,

़ुवनतम़ीकरो!

8 ़ुवनऐसतमकरउसकै;

हदिऔर उसकरगों ें आओ!

9 आरइश ़ुवनिकरो;

सब अहल ! उसकमनाँपतरहो!

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