1 अगर ख़ुदावन्द ही घर न बनाए,
तो बनाने वालों की मेहनत' बेकार है।
अगर ख़ुदावन्द ही शहर की हिफ़ाज़त न करे,
तो निगहबान का जागना 'बेकार है।
2 तुम्हारे लिए सवेरे उठना और देर में आराम करना,
और मशक़्क़त की रोटी खाना 'बेकार है;
क्यूँकि वह अपने महबूब को तो नींद ही में दे देता है।