1 ख़ुदावन्द मेरा चौपान है,
मुझे कमी न होगी।
2 वह मुझे हरी हरी चरागाहों में बिठाता है;
वह मुझे राहत के चश्मों के पास ले जाता है;
3 वह मेरी जान को बहाल करता है।
वह मुझे अपने नाम की ख़ातिर सदाकत की राहों पर ले चलता है।
5 तू मेरे दुश्मनों के सामने मेरे आगे दस्तरख़्वान बिछाता है;
तूने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा प्याला लबरेज़ होता है।