12 उस बखत तो वो गिणती म्ह थोड़े थे, हाँ घणे थोड़े थे,
अर उस देश म्ह परदेशी थे।
13 वे एक जात तै दुसरी जात म्ह,
अर एक राज्य तै दुसरे राज्य म्ह फिरदे रहै;
14 पर उसनै किसे माणस ताहीं उनपै अंधेर न्ही करण दिया;
अर वो सारे राजयां नै उनकै खात्तर या धमकी देवै था,
15 "मेरे अभिषिक्तां नै मत छूओ,
अर ना मेरे नबियाँ का नुकसान करो!"