5 तन्नै मेरे ताहीं आग्गै-पाच्छै तै घेर राख्या सै,
अर अपणा हाथ मेरे पै राक्खे रहवै सै।
13 तन्नै मेरे अन्दरूनी अंगां ताहीं बणाया सै;
तन्नै मेरे ताहीं माँ की कोख म्ह बणाया।
14 मै तेरा धन्यवाद करुँगा, इस करकै के मै खतरनाक अर बेमिसाल तरीके तै बणाया गया सूं।
तेरे काम तो अचम्भे के सै,
म्ह इननै आच्छी तरियां तै जाणु सूं।
16 तेरी आँखां नै मेरे बिना आकार के तत्व ताहीं देख्या;
अर मेरे सारे अंग जो दिन बै दिन बणदे जाया करदे वे बणन तै पैहल्या
तेरी किताब म्ह लिखे होये थे।