मन की पुकार अर स्तुतिगान
1 हे मेरे परमेसवर, हे मेरे परमेसवर,
तन्नै मेरे ताहीं क्यूँ छोड़ दिया?
तू मेरी बुलाहट तै अर मेरी मदद करण तै
क्यूँ दूर रहवै सै? मेरा उद्धार कित्त सै?
2 हे मेरे परमेसवर, मै दिन म्ह पुकारूँ सूं
पर तू जवाब न्ही देंदा;
अर रात नै भी मै चुप न्ही रहन्दा।