स्तुति का एक गीत
1 मै धीरज धरकै यहोवा की बाट देखदा रह्या;
अर उसनै मेरी ओड़ झुककै मेरी दुहाई सुणी।
2 उसनै मेरै ताहीं सत्यानाश के खड्डे
अर दलदल की गार म्ह तै लिकाड्या,
अर मेरे ताहीं चट्टान पै खड्या करकै
मेरे पैरां ताहीं मजबूत करया सै।
3 उसनै मेरै ताहीं एक नया गीत सिखाया
जो म्हारे परमेसवर की स्तुति का सै।
घणखरे लोग यो देक्खैंगे अर उसकी महिमा करैंगे,
अर यहोवा पै भरोस्सा राक्खैंगे।