स्तुति का एक गीत
1 मै धीरज धरकै यहोवा की बाट देखदा रह्या;
अर उसनै मेरी ओड़ झुककै मेरी दुहाई सुणी।
2 उसनै मेरै ताहीं सत्यानाश के खड्डे
अर दलदल की गार म्ह तै लिकाड्या,
अर मेरे ताहीं चट्टान पै खड्या करकै
मेरे पैरां ताहीं मजबूत करया सै।
3 उसनै मेरै ताहीं एक नया गीत सिखाया
जो म्हारे परमेसवर की स्तुति का सै।
घणखरे लोग यो देक्खैंगे अर उसकी महिमा करैंगे,
अर यहोवा पै भरोस्सा राक्खैंगे।
17 मै तो दीन अर दरिद्र सूं,
तोभी प्रभु मेरी चिन्ता करै सै।
तू मेरा मददगार अर छुड़ाण आळा सै;
हे मेरे परमेसवर देर ना कर।