5 हे मेरे जी, तू क्यूँ गिरया जावै सै?
अर तू भित्तर ए भित्तर क्यूँ व्याकुल सै?
परमेसवर पै आस लगाये रहै;
क्यूँके मै उसके दर्शन तै उद्धार पाकै फेर उसका धन्यवाद करुँगा।
11 हे मेरे जी तू क्यूँ गिरया जावै सै?
अर तू भित्तर ए भित्तर क्यूँ व्याकुल सै?
परमेसवर पै भरोस्सा राख;
क्यूँके वो मेरे मुख की चमक अर मेरा परमेसवर सै,
मै फेर उसका धन्यवाद करुँगा।