पाप की माफी खात्तर प्रार्थना
1 हे परमेसवर, अपणी करुणा कै मुताबिक मेरे पै अनुग्रह कर;
अपणी बड़ी दया के मुताबिक मेरे अपराध्धां ताहीं मिटा दे।
2 मन्नै भली-भाँति धोकै मेरा अधर्म दूर कर,
अर मेरे पाप छुड़ाकै मन्नै शुद्ध कर!
3 मै तो अपणे अपराध्धां नै जाणु सूं,
अर मेरा पाप हमेशा मेरी निगांह म्ह रही जा सै।
4 मन्नै सिर्फ तेरैए बिरुध्द पाप करया,
अर तेरी निगांह म्ह जो बुरा सै, वोए करया सै,
ताके तू बोल्लण म्ह धर्मी
अर न्याय करण म्ह निष्कलंक ठहरै।
10 हे परमेसवर, मेरै भित्तर शुद्ध मन पैदा कर,
अर मेरै भित्तर मजबूत आत्मा नये सिरे तै भर दे।