परमेसवर के उद्धार खात्तर बाट
1 सचमुच मै चुपचाप होकै परमेसवर की ओड़ मन लगाऐ सूं;
मेरा उद्धार उस्से तै होवै सै।
2 सचमुच वोए, मेरी चट्टान अर मेरा उद्धार सै,
वो मेरा गढ़ सै; मै कदे न्ही डिगूँगा।
5 हे मेरे मन, परमेसवर के स्याम्ही चुपचाप रह,
क्यूँके मेरी आस उस्से पै सै।
6 सचमुच वो मेरी चट्टान, अर मेरा उद्धार सै,
वो मेरा गढ़ सै; इस करकै मै ना डिगूँगा।
8 हे माणसों, हर बखत उस पर भरोस्सा राक्खो;
उसतै अपणे-अपणे मन की सारी बात खोलकै कहो;
परमेसवर म्हारा शरणस्थान सै।