4 कितणे धन्य सै वो; जिस ताहीं तू चुण कै अपणे धोरै आण देवै सै,
ताके वो तेरे आँगणां म्ह वास करे!
हम तेरे भवन के, मतलब तेरे पवित्र मन्दर के उत्तम-उत्तम पदार्थां तै तृप्त होंगे।
4 कितणे धन्य सै वो; जिस ताहीं तू चुण कै अपणे धोरै आण देवै सै,
ताके वो तेरे आँगणां म्ह वास करे!
हम तेरे भवन के, मतलब तेरे पवित्र मन्दर के उत्तम-उत्तम पदार्थां तै तृप्त होंगे।