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भजन संहिता 68

5 परमसवर अपणपवि,

अनां िअर िधव68:5 रुखाळी न्यायी ै।

6 परमसवर अनां घर बसै;

अर बनिाँ ़ासमपन्‍करै;

पर ििाँ धरतरहणपड़ै ै।

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