परमेसवर का भय मान्नण तै आशीष
यात्रा का गीत
1 कितना धन्य सै हर एक वो माणस जो यहोवा का भय मान्नै सै,
अर उसकी राह पै चाल्लै सै!
2 तू अपणी कमाई नै जरुर खाण पावैगा;
तू धन्य होवैगा, अर तेरा भलाए होवैगा।
3 तेरे घर कै भित्तर तेरी घरआळी फळ देण आळी अंगूर की बेल की तरियां होवैगी;
तेरी मेज कै च्यांरु ओड़ तेरे बाळक जैतून के पौध्यां की तरियां होवैगें।
4 सुण जो माणस यहोवा का भय मान्ने सै,
वो इस्से तरियां आशीष पावैगा।