7 मै तेरी आत्मा तै भाजकै कित्त जाऊँ?
या तेरै स्याम्ही तै कित्त भाज्जूँ?
8 जै मै अकास पै चढूँ, तो तू ओड़ै सै!
जै मै अपणा बिछोणा अधोलोक म्ह बिछाऊँ तो ओड़ै भी तू सै!
9 जै मै सबेरै की किरणा पै चढ़कै समुन्दर कै पार जा बसूं,
10 तो ओड़ै भी तू अपणे हाथ तै मेरी अगुवाई करैगा।
अर अपणे सोळे हाथ तै मन्नै पकड़े रहवैगा।