दाऊद का मुक्तिगीत
प्रधान बजाण आळे खात्तर। यहोवा के दास दाऊद का गीत, जिसके वचन उसनै यहोवा खात्तर उस बखत गाया जिब यहोवा नै उस ताहीं उसके सारे दुश्मनां कै हाथ तै, अर शाऊल कै हाथ तै बचाया था, उसनै कह्या
1 हे यहोवा, हे मेरी ताकत्त, मै तेरे तै प्यार करुँ सूं।
2 यहोवा मेरी चट्टान, अर मेरा गढ़ अर मेरा छुड़ाण आळा सै;
मेरा परमेसवर, मेरी चट्टान सै, जिसका मै शरणागत सूं,
वो मेरी ढाल, मेरै उद्धार का सींग,
अर मेरा ऊँच्चा गढ़ सै।
3 मै यहोवा नै जो स्तुति कै लायक सै पुकारूँगा;
इस ढाळ मै अपणे दुश्मनां तै बचाया जाऊँगा।
4 मौत की रस्सियाँ तै मै च्यांरु ओड़ तै घिर ग्या सूं,
अर अधर्म की बाढ़ नै मेरे ताहीं डरा दिया;
5 अधोलोक की रस्सी मेरै च्यांरु ओड़ थी,
अर मौत के फंदे मेरे पै आये थे।
6 अपणे संकट म्ह मन्नै यहोवा ताहीं पुकारया;
मन्नै अपणे परमेसवर की दुहाई दी।
अर उसनै अपणे मन्दर म्ह तै मेरी वाणी सुणी।
अर मेरी दुहाई उसकै धोरै पोहचकै उसके कान्नां म्ह पड़ी।
7 फेर धरती हाल ग्यी, अर काप ग्यी,
अर पहाड़ां की नींव काप कै हाल ग्यी
क्यूँके वो भोत घणा छो म्ह भरग्या था।
8 उसकै नाक तै धुआँ लिकड़या,
अर उसकै मुँह तै आग लिकड़कै भस्म करण लाग्गी;
जिसतै कोल्ले दहक उठे।
9 वो सुर्ग नै झुका कै नीच्चै उतर आया;
अर उसकै पायां तलै घोर अन्धकार था।
10 अर वो करूब18:10 करूब करूब एक पंखा आळा माणस सै जो यहोवा के सुर्गीय सिंहासन की रक्षा करै सै पै सवार होकै उड्या,
बल्कि हवा के पंखां पै सवारी करकै वेग तै उड्या।
11 उसनै अन्धेरै ताहीं अपणे लुह्कण की जगहां
अर अपणे च्यांरु ओड़ अकास की काळी घटा का मण्डप बणाया।
12 उसकै आग्गै बिजळी बरगे,
ओळे अर अंगारे भी पड़े।
13 फेर यहोवा अकास म्ह गरज्या,
अर परमप्रधान नै अपणी वाणी सुणाई, अर ओळे अर अंगारे भेज्जे।
14 उसनै अपणे तीर चला-चलाकै दुश्मनां ताहीं तित्तर-बितर;
बल्कि बिजळी गेर-गेरकै उन ताहीं हरा दिया।
15 फेर पाणी के नाळे देखण नै मिले, अर दुनिया की नींव उजागर होई,
यो तो यहोवा तेरी डाँट तै,
अर तेरे नाक की साँस की झोंक तै होया।
16 उसनै उप्पर तै हाथ बढ़ाकै मेरे ताहीं थाम लिया,
अर गहरे पाणी म्ह तै खींच लिया।
17 उसनै मेरे ताकतवर दुश्मन तै,
अर उनतै जो मेरे तै नफरत करै थे,
मेरे ताहीं छुड़ाया; क्यूँके वे घणे सामर्थी थे।
18 मेरी बिप्दा के दिन वे मेरे पै आण पड़े।
पर यहोवा मेरा आसरा था।
19 अर उसनै मेरे ताहीं लिकाड़कै चौड़ी जगहां म्ह पोहचाया,
उसनै मेरे ताहीं छुड़ाया, क्यूँके वो मेरे तै खुश था।
20 यहोवा नै मेरे तै मेरी धार्मिकता कै मुताबिक बरताव करया;
अर मेरे हाथ्थां की शुद्धता के मुताबिक उसनै
मेरे ताहीं बदला दिया।
21 क्यूँके मै यहोवा की राह पै चाल्दा रह्या,
अर दुष्टता कै कारण अपणे परमेसवर तै दूर न्ही होया।
22 क्यूँके उसके सारे फैसले मेरे स्याम्ही बणे रहे
अर मन्नै उसकी विधियाँ ताहीं न्ही छोड्या।
23 अर मै उसके स्याम्ही सिध्द बण्या रह्या,
अर अधर्म तै अपणे-आपनै बचाए रह्या।
24 यहोवा नै मेरे तै मेरी धार्मिकता कै मुताबिक बदला दिया,
अर मेरे हाथ्थां की उस शुद्धता के मुताबिक जिसनै वो देक्खै था।
25 भरोस्सेमंद कै गेल्या तू भरोस्सेमंद दिखावै;
अर खरे माणस कै गेल्या तू अपणे-आपनै खरा दिखावै सै।
26 शुद्ध कै गेल्या तू अपणे-आपनै शुद्ध दिखावै,
अर टेढ़ां कै गैल तू तिरछा बणै सै।
27 क्यूँके तू दीन माणसां नै बचावै सै;
पर घमण्ड तै भरी आँखां नै तू निच्ची करै सै।
28 हाँ तू ए मेरै दीवै नै जळावै सै,
मेरा परमेसवर यहोवा मेरे अंधियारे नै
चाँदणा कर देवै सै।
29 क्यूँके तेरी मदद तै मै सेना पै हमला करुँ सूं,
अर अपणे परमेसवर की मदद तै शहरपनाह नै लाँघ जाऊँ18:29 शहरपनाह नै लाँघ जाऊँ दुश्मनां नै हराकै भीत नै रोंदू सूं सूं।
30 परमेसवर की राह सिध्द सै,
यहोवा का वचन त्याया होया सै,
वो अपणे सारे शरणागतां की ढाल सै।
31 यहोवा कै अलावा के कोए परमेसवर सै?
म्हारे परमेसवर कै अलावा के और कोए चट्टान सै?
32 यो वोए परमेसवर सै जो ताकत तै मेरा कटिबन्ध बाँधै सै,
अर मेरी राह नै सिध्द करै सै।
33 वोए मेरे पायां नै हिरणी के पैरां की तरियां बणावै सै,
अर मेरे ताहीं ऊँच्चे स्थानां पै खड्या करै सै।
34 वो मेरे हाथ्थां नै युद्ध करणा सिखावै सै,
इस करकै मेरी बाजुआं तै पीत्तळ का धनुष झुक जावै सै।
35 तन्नै मेरे ताहीं अपणे बचाव की ढाल दी सै,
तू अपणे सोळे हाथ तै मन्नै सम्भाळै सै,
अर तेरी नम्रता नै मेरे ताहीं महान बणाया सै।
36 तन्नै मेरे पायां खात्तर खुल्ली जगहां कर दी सै,
ताके मेरे पैर ना फिसळै।
37 मै अपणे दुश्मनां का पिच्छा करकै उननै पकड़ ल्यूँगा,
अर जिब ताहीं उनका नाश न्ही कर ल्यु जिब तक न्ही बोहडुंगा।
38 मै उननै इस तरियां बेधूँगा के वे उठ न्ही सकैगें;
वे मेरे पायां के नीच्चै गिर जावैंगे।
39 क्यूँके तन्नै युद्ध खात्तर मेरी कमर म्ह
शक्ति का पटुका बाँधया सै,
अर मेरे बिरोधियाँ ताहीं मेरे स्याम्ही नीच्चा कर दिया।
40 तन्नै मेरे दुश्मनां की पीठ मेरी ओड़ फेर दी,
ताके मै उननै काट द्यु जो मेरे तै जलन राक्खै सै।
41 उननै दुहाई तो दी पर उननै बचाण आळा न्ही मिल्या,
उननै यहोवा की भी दुहाई दी,
पर उसनै भी उन ताहीं जवाब न्ही दिया।
42 फेर मन्नै उन ताहीं कूट-कूटकै हवा म्ह उड़ाई
होई धूळ के ढाळ कर दिया;
मन्नै उन ताहीं राह के कीचड़ की ढाळ लिकाड़ फेक्या।
43 तन्नै मेरे ताहीं प्रजा के झगड्या तै भी छुड़ाया;
तन्नै मेरे ताहीं दुसरी जात्तां का प्रधान बणाया सै;
जिन माणसां नै मै जाणु भी न्ही था वे मेरी
सेवा करै सै।
44 मेरा नाम सुणदे ए वे मेरे हुकम का पालन करैगें,
परदेशी मेरे बस म्ह हो जावैंगे।
45 परदेशी मुरझा जावैंगे,
अर अपणे किलां म्ह तै थरथरान्दे होये लिकड़ैंगे।
46 यहोवा परमेसवर जिन्दा सै; मेरी चट्टान धन्य सै;
अर मेरे मुक्तिदाता परमेसवर की बड़ाई हो।
47 धन्य सै मेरा बदला लेण आळा परमेसवर!
जिसनै देश-देश के माणसां ताहीं मेरे बस म्ह कर दिया सै;
48 अर मन्नै मेरे दुश्मनां तै छुड़ाया सै;
तू मेरे ताहीं मेरे बिरोधियाँ तै ऊँच्चा करै सै,
अर उपद्रवी माणस तै बचावै सै।
49 इस कारण मै जात्ति-जात्ति कै स्याम्ही तेरा धन्यवाद करुँगा,
अर तेरे नाम का भजन गाऊँगा।
50 वो अपणे ठहराए होए राजा नै भोत बड़ी जीत देवै सै,
वो अपणे अभिषिक्त दाऊद पै
अर उसके वंश पै युगानुयुग करुणा करदा रहवैगा।