1 यहोवा मेरी ज्योति अर मेरा उद्धार सै;
मै किसतै डरुँ?
यहोवा मेरे जीवन का मजबूत गढ़ ठहरया सै,
मै किसका भय खाऊँ?
2 जिब कुकर्मिया नै जो मन्नै सतावै अर मेरे तै ए
बैर राक्खै थे,
मन्नै मिटाण खात्तर मेरे पै चढ़ाई करी,
फेर वेए ठोक्कर खाकै गिर पड़े।
3 चाहे सेना भी मेरै बिरुध्द धावा बोल्लै,
तोभी मै न्ही डरुँगा; चाहे मेरै बिरुध्द लड़ाई छिड़ जावै,
उस हालत म्ह भी मै हिम्मत बाँधे बेफिकर रहूँगा।