12 वो कौण माणस सै जो जीवन की इच्छा राक्खै,
अर लम्बी उम्र चाहवै सै ताके भलाई देक्खै?
13 अपणी जीभ नै बुराई तै रोक कै राख,
अर अपणे मुँह की चौकसी कर ताके
उसतै छळ की बात ना लिकड़ै।
14 बुराई नै छोड़ अर भलाई कर;
मेळ नै ढूँढ़ अर उस्से का पिच्छा कर।
12 वो कौण माणस सै जो जीवन की इच्छा राक्खै,
अर लम्बी उम्र चाहवै सै ताके भलाई देक्खै?
13 अपणी जीभ नै बुराई तै रोक कै राख,
अर अपणे मुँह की चौकसी कर ताके
उसतै छळ की बात ना लिकड़ै।
14 बुराई नै छोड़ अर भलाई कर;
मेळ नै ढूँढ़ अर उस्से का पिच्छा कर।