1 परमेसवर म्हारा शरणस्थान अर ताकत सै,
संकट म्ह आसान्नी तै मिलण आळा मददगार।
2 इस कारण हमनै कोए डर कोन्या चाहे धरती
उल्ट जावै,
अर पहाड़ समुन्दर के बीच म्ह गेर दिए जावै;
3 चाहे समुन्दर का पाणी गरजै अर झाल उठ्ठै,
अर पहाड़ उसकी बाढ़ तै काँप उठ्ठै। (सेला)