1 हे मेरे माणसों, मेरी शिक्षा सुणो;
मेरे वचनां की ओड़ कान लगाओ!
2 मै अपणा मुँह ज्ञान की बात कहण खात्तर खोल्लूँगा;
मै पुराणे बखत की गुप्त बात कहूँगा,
3 जिन बात्तां ताहीं हमनै सुण्या,
अर जाण लिया, अर म्हारे पूर्वजां नै म्हारे तै जिक्र करया सै।
4 उननै हम उनकी औलाद तै लह्को के न्ही राक्खागें,
पर आण आळी पीढ़ी के माणसां तै,
यहोवा का गुणगान अर उसकी सामर्थ्य
अर बड़े-बड़े काम्मां का जिक्र करागें।