18 क्यूँके दरिन्द्र माणस अनन्त काल तक बिसरे होए न्ही रहवैंगे,
अर ना ए नम्र माणसां की आस सदा खात्तर नाश होवैगी।
18 क्यूँके दरिन्द्र माणस अनन्त काल तक बिसरे होए न्ही रहवैंगे,
अर ना ए नम्र माणसां की आस सदा खात्तर नाश होवैगी।
+581 estão orando agora.
Junte-se à corrente de oração.