1 धन्य सै यहोवा, जो मेरी चट्टान सै,
वो युद्ध खात्तर मेरे हाथ्थां नै,
अर लड़ाई खात्तर मेरी आँगळियाँ नै त्यार करावै सै।
2 वो मेरे खात्तर करुणानिधान अर गढ़,
ऊँच्ची जगहां अर छुड़ाण आळा सै,
वो मेरी ढाल अर शरणस्थान सै,
जो जात्तां नै मेरे बस म्ह करदे सै।
1 धन्य सै यहोवा, जो मेरी चट्टान सै,
वो युद्ध खात्तर मेरे हाथ्थां नै,
अर लड़ाई खात्तर मेरी आँगळियाँ नै त्यार करावै सै।
2 वो मेरे खात्तर करुणानिधान अर गढ़,
ऊँच्ची जगहां अर छुड़ाण आळा सै,
वो मेरी ढाल अर शरणस्थान सै,
जो जात्तां नै मेरे बस म्ह करदे सै।