44 तोभी जिब-जिब उनका चिल्लाणा उसकै कान म्ह पड्या,
तब-तब उसनै उनके संकट पै निगांह करी!
45 अर उनके हित म्ह अपणे करार ताहीं याद करकै
अपणी अपार करुणा के मुताबिक तरस खाया,
44 तोभी जिब-जिब उनका चिल्लाणा उसकै कान म्ह पड्या,
तब-तब उसनै उनके संकट पै निगांह करी!
45 अर उनके हित म्ह अपणे करार ताहीं याद करकै
अपणी अपार करुणा के मुताबिक तरस खाया,