ज़ुलम केरनेबालन करां छुटनेरे लेई प्राथना
1 हे परमेशर मीं पुड़ दया केर, किजोकि मेरे दुश्मन मीं निगलने चातन,
लड़नेबाले सैरी दिहैड़ी सतातन।
3 ज़ैस वक्ते मीं डर लग्गेलो,
अवं तीं पुड़ भरोसो रेखेलो।
4 परमेशरेरी मद्दती सेइं अवं तैसेरे वचनेरी तारीफ़ केरेलो,
परमेशरे पुड़ मीं भरोसो रखोरोए, अवं डरेलो नन्ना।
किजोकि कोई भी मैन्हु मेरू कुन केरि सकते?
8 तू मेरे दरबदर फिरनेरो हिसाब रखतस;
तू मेरा ऐंखरू एपनी कुप्पी मां रख!
कुन तैन केरि चर्चा तेरी किताबी मां नईं?
11 मीं परमेशरे पुड़ भरोसो रखोरोए, अवं न डरेलो।
इन्सान मेरू कुन केरि सकते?