4 जेबे माखे याद आओई कि पईले मेरी जिन्दगी केड़ी थी, तो आऊँ बऊत दु:खी ऊई जाऊँआ ओर रोऊँआ।
आऊँ लोका री बऊत पारी पीड़ा साथे परमेशरो रे मन्दरो दे तेसरी आराधना करने खे जाया करुँ था।
मैं तेती लोका ते आगे जाई कि खुशिया रे गाणे गाए ओर आसे जोरे-जोरे की परमेशरो री तारीफ करेया करुँ थे।