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पजन 58

अनखलथन

बज़े परदिअल-तशहऊदि

1 े-ूं,58:1 तागतबर माणूं सचिकतिगल?

करऩे ो, सचईयकर?

2 कदि करदे, हम,

चगड़े कर

3 जनगलपटकओए,

ओए तदलणकरदऊए पटकओए

4 िि़ा ि,

टऊण़े आपणबनकरलओआ;

5 ओर सपितणिणतपढ़ो,

सरि णदा।

6 परमशर, िुंाँ़ी े;

रभु, िजव़ा पटे!

7 ़ी बहींऊए ि़े ऊई ;

़े दब

8 ़े ऊई , चलदबखतऊई ओईय

ओर जवणसगऱा ़े ऊई , ि़ा ि।

9 इजपईलि िां़े लककड़ूचललगो,

परमशरिओर े, डवलई े।

10 ओर ूंसजिलदतरूंिलणी,

ओर आपणमणिआपण,

11 ूंलणलगणा, "पकतरिईन;

सचएक परमशर , तरतिाँकर"

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