1 ओ प्रभु, पला ए तेरा तन्यवाद करना;
ओ परमपरदान परमेशर, पला ए तेरे नाओं रा गुणगाण करना;
2 दस तारा वाल़े बाजे पाँदे, बीणा पाँदे गम्भीर आवाजा दे गाणा, प्यागा तेरी करूणा ओर सांजा तेरी सच्चाईया रा प्रचार करना।
3 सारंगिया साथे रागो रे मुताबिक प्यागा तेरी करूणा
ओर राती तेरी सच्चाईया रा प्रचार करना कितणा पला ए।
4 ओ प्रभु, तैं आऊँ आपणे कामे की खुश करी राखेया
ओर मां तेरे आथो रे कामा रिया बजा ते तेरी जयजयकार करनी
जो तैं मेरिया तँईं करी राखी।
5 ओ प्रभु, तेरे काम कितणे महान ए!
तेरे बचार बऊत ई गम्भीर ए!
6 नासमज माणूं ये नि जाणदा ओर ना मूर्ख
इजी रे बारे बचार करोआ :
7 तेबे बी दुष्ट माणूं काओ जेड़े अरे-परे रओए
ओर सब अनर्थ करने वाल़े खुश ओए,
तेबे बी सेयो सदा-सर्वदा खे नाश ऊई जाणे,
8 पर ओ प्रभु,
तां राजे रे रूपो दे सदा राज करना
9 कऊँकि ओ प्रभु, तेरे दुश्मण, आ तेरे दुश्मण नाश ऊणे;
सारे बुरे काम करने वाल़े तित्तर बित्तर ऊई जाणे।
10 पर तैं आऊँ जंगल़ी सांडो जेड़ा तागतबर बणाई राखेया;
तैं मां पाँदे ताजा तेल लटी की मेरा अभिषेक करी राखेया।
11 आँऊ आपणे दुश्मणा पाँदे नजर करी की
ओर तिना बुरा करने वाल़ेया रा आल सुणी की सन्तुष्ट ऊईरा,
जो मेरे खलाफ उठे थे।
12 तार्मिक लोक खजूरो रे डाल़ो जेड़े फलणे-फूलणे
ओर सेयो लबानोन प्रदेशो रे देवदारा रे डाल़ा जेड़े बढ़दे रणे।
13 सेयो प्रभुए रे मईलो रे लगाए रे,
म्हारे परमेशरो रे आँगणो रे फूलणे-फलणे।
14 सेयो स्याणे ऊँदे ऊए बी फलदे रणे,
सेयो सदा रस भरे ओर अरे-परे रणे,
15 जेते की ये प्रगट ओ, कि प्रभु सच्चा ए,
सेई मेरी चट्टान ए, ओर तेसरे कुछ बी बुराई नि ए।