1 प्रभुए री स्तुति करो, प्रभुए रे नाओं री स्तुति करो,
ओ प्रभुए रे सेवको तुसे तेसरी स्तुति करो,
2 तुसे जो प्रभुए रे मईलो रे,
मतलब म्हारे परमेशरो रे मन्दरो रे आँगणो रे खड़े रे रओए!
3 प्रभुए री स्तुति करो, कऊँकि प्रभु पला ए;
तेसरे नाओं रा पजन गाओ, कऊँकि प्रभु दया करने वाल़ा ए!
4 परमेशरे तिने याकूबो रे कराने ओर इस्राएलो रे लोका खे आपणा ऊणे रिया तँईं चूणी ला दा ए,
5 आऊँ जाणूंआ कि प्रभु महान ए,
आसा रा प्रभु सबी देवतेया ते ऊच्चा ए।
6 जो कुछ प्रभुए चाया से तिने सर्ग,
तरती ओर समुद्र ओर सारी डूगिया जगा रे कित्तेया।
7 से तरतिया रे कूणे ते बादल़ उठाओआ
ओर बर्खा खे बिजल़ी चमकाओआ ओर आपणे स्वर्गिय पण्डारो ते पऊण चलाओआ।
8 प्रभुए मिस्रो रे माणूं ओर डांगर,
सबी रे जेठे बच्चे मारी ते!
9 तेती मिस्रो दे तिने राजा ओर तेसरे सारे अधिकारिया खे सजा देणे खे चमत्कार ओर नौखे काम कित्ते।
10 तिने बऊत सारिया जातिया नाश कित्तिया
ओर कई सामर्थी राजे काईते,
11 एमोरिया रा राजा सिहोन ओर बाशानो रा राजा ओग
ओर कनानो रे सारे राजे घात कित्ते;
12 ओर तिने तिना री जमीन बांडी की,
आपणी प्रजा इस्राएलो रे पाअग ऊणे खे देईती।
13 ओ प्रभु, तेरा नाओं सदा स्थिर ए,
ओ प्रभु, जेते नाओं ते तूँ याद कित्तेया जाओआ, से पीढ़िया ते पीढ़िया तक बणेया रा रणा।
14 ओ प्रभु, तां आपणी प्रजा री रक्षा करनी
ओर आपणे दासा री बुरी दशा देखी की तरस खाणा।
15 दूजिया जातिया रे लोका रे देवते सूईने-चाँदिए रे ए,
सेयो माणूंए आपणे आथे की बणाई राखिया।
16 तिना रे मूँ तो अए, पर सेयो बोली नि सकदिया,
तिना रे आखी तो अईया, पर सेयो देखी नि सकदिया,
17 तिना मूर्तिया रे कान तो अए, पर सेयो सुणी नि सकदिया,
ना ई तिना रे मुंए रे जिन्दगिया रा साआ ए।
18 जो तिना खे बणाओए, सेयो तिना मूर्तिया जेड़े ई निर्जीव ए।
सेयो बी बेजान ए, जो तिना पाँदे परोसा करोए!
19 ओ इस्राएलो रे कराने रे लोको, प्रभुए खे तन्य बोलो!
ओ हारूण वंशो रे पुरोईतो, प्रभुए खे तन्य बोलो!
20 ओ लेवी वंशो रे लोको, प्रभुए खे तन्य बोलो!
ओ प्रभुए रे पग्तो, प्रभुए खे तन्य बोलो!
21 प्रभु जो यरूशलेमो रे रओआ,
तेसखे सिय्योनो रे तन्य बोलेया जाओ! प्रभुए री स्तुति करो!