1 ओ परमेशरो रे पाऊए, परमेशरो रा,
आ प्रभुए रा ई गुणगाण करो,
तुसे प्रभुए री महिमा ओर सामर्था री सराईणा करो।
2 तुसे प्रभुए रे नाओं री महिमा करो;
पवित्रता साथे सजी की प्रभुए री आराधना करो।
3 प्रभुए री वाणी समुद्रो पाँदे सुणोई;
प्रतापी परमेशर गरजोआ,
प्रभु समुद्रो पाँदे रओआ।
4 प्रभुए री वाणी शक्तिशाली ए,
प्रभुए री वाणी प्रतापमयी ए।
5 प्रभुए री वाणी देवदारा रे डाल़ा खे तोड़ी देओई;
प्रभु लबानोनो रे देवदारा खे बी नाश करी देओआ।
6 यहोवे रिया तागती ते लबानोनो रा पाह्ड़ बी बाच्छूए जेड़ा पुड़कोआ,
ओर सिर्योन पाह्ड़ बणो रे सांडो जेड़ा उटकोआ।
7 प्रभुए री वाणी आगी री लूपिया खे चीरोई।
8 प्रभुए री वाणी बणा खे ईलाई देओई,
प्रभु कादेशो रे बणो खे बी ईलाई देओआ।
9 प्रभुए री वाणिया ते ईरणियां रे बखतो ते पईले बच्चे ऊई जाओए
ओर जंगल़ो रे पतझड़ ऊई जाओआ
ओर तेसरे मईलो रे सब कोई बोलोए, "प्रभुए री महिमा ओ!"
10 जलप्रलय रे बखते प्रभु विराजमान था
ओर प्रभु सदा खे राजा बणी की विराजमान रओआ।
11 प्रभुए आपणी प्रजा खे तागत देणी;
प्रभुए आपणी प्रजा खे शान्तिया री आशीष देणी।